दरियाई घोड़े से जुड़े अमेजिंग फैक्ट्स

Views:179653


बड़ा मुँह,छोटे पैर भारी भारे शरीर वाला जानवर आप सभी दरियाई घोड़ा के नाम से जानते है। वैसे तो इसे "वाटर होर्स" अर्थात पानी वाला घोडा कहते है और इसके नाम के साथ भी घोडा शब्द जुड़ा है लेकिन असल में इसका घोड़े जाती वाले जानवर से कोई लेना देना नही है। मोटी चमड़ी वाला यह जंतु पानी और धरती दोनों पर जीवित रहने में सक्षम है। आज हम अफ्रीका में पाएं जाने वाले इस 4 टन भारी जानवर से संबध रखने वाले अमेजिंग फैक्ट्स आपके साथ शेयर कर रहे है।





  • वैज्ञानिकों के मत अनुसार 55 लाख साल पहले दरियाई घोड़े अस्तित्व में आये थे।


  • दरियाई घोड़े को सफेद गैंडा और हाथी के बाद तीसरा सबसे स्थलजीवी कहा जा सकता है।


  • चिड़ियाघर आधुनिक इतिहास की बात करें तो दरियाई घोड़ा पहली बार लंदन के चिड़ियाघर में 25 मई 1850 में पहुंचा था और लंदन के इस चिड़ियाघर में इसे देखने के लिए एक दिन में 10,000 दर्शक एकत्रित हुए थे।


  • पानी दरियाई घोड़े के शरीरिक तापमान को बनाए रखने में मदद करता है।


  • एक वयस्क हिप्पो हर 3-सेव् 5 मिनट में साँस लेते है और इनके सांस लेने की प्रक्रिया स्वचालित होती है जो पानी के अंदर सोते हुए भी कायम रहती है।


  • महिला दरियाई घोड़े बच्चो को जन्म देने का काम पानी के अंदर ही करते है।


  • दरियाई घोड़े का दूध गुलाबी रंग का होता है।


  • एक पुरुष दरियाई घोड़ा एक "बैल" और महिला दरियाई घोड़े को "गाय" कहा जाता है और उनके हिप्पो के बच्चों को "बछड़ा" कहा जाता है।


  • दरियाई घोड़े की उम्र लगभग 45 साल की होती है।


  • 14 फुट लंबे और 5 फुट ऊंचे दरियाई घोड़े की गिनती अफ्रीका में सबसे खतरनाक जानवरों में होती है जबकि अधिकतर दरियाई घोड़े घास खाते हैं।


  • आपको जानकर हैरानी होगी कि करीबी संबंध व्हेल और डॉल्फिन से माना जाता है।


  • महिला हिप्पो से सेक्स की सहमति प्राप्त करने के लिए दरियाई घोड़े गोबर की मदद लेते है। दरियाई घोडी अपने पूंछ उठाकार कर गोबर करते हुए अपने पार्टनर को सेक्स की सहमति दे देती है।