पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मोटर बस से जुड़े कुछ दिलचस्प और अनजाने फैक्ट्स

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बस में सफर करना जितना सस्ता व आसान है उतना ही ट्रैफ़िक कम करने के लिए उपयोगी है। आज भारत में लगभग 90% लोग एक शहर से दुसरे शहर में जाने के लिए बस का ही प्रयोग करते है। एक बड़ी बस पर 300 यात्री सफर कर सकते है। अब आप ये लाइन पढ़ कर हैरान मत हो जाना ऐसे ही ना जाने कितने दिलचस्प और चकित कर देने वाले राज आप के साथ रोजमर्रा सफर करने वाली बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़े है जिनके ऊपर से आज हम पर्दा उठा रहे है।






पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इतिहास पेरिस से शुरू होता है। पेरिस के ब्लैसे पास्कल शहर में पहली बार 1662 में ट्रांसपोर्ट सेवाओं के सफर की शुरुवात हुई थी। उसके बाद जॉन ग्रीनवुड ने घोड़े के साथ गाड़ी और कुछ सीटों को जोड़कर 1824 में यात्रा सेवा (सर्विस) शुरू कर दी थी। उसके बाद स्टीम बुसेस,ट्राली बसों ने इस सफर को आगे बढ़ाया।




मोटर बसों का युग जर्मनी 1895 से प्रारंभ होता है। बेंज विक्टोरिया नाम से पहली मोटर परिवहन जिसे 1893 में तैयार कर लिए गया था वो 6 सवारियों के साथ 1895 में पहली बार कमाई करने के उद्देश्य से सफर पर निकली थी पर आजकल आप सड़कों पर जिन बसों को दौड़ते देखते है ऐसी बसों को 1898 गोटलिएब डेमलर ने डबल डेकर बस मोटर ट्रैक्शन कंपनी को बेचीं थी जो 20 यात्रियों को लेकर 18 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से लंदन के सडकों पर दौड़ी थी।


1898 से शुरू हुए मोटर बस के सफर को भारत पहुंचने में लगभग 31 साल लग गये। भारत में पहली बार मोटर बस सेवा मुंबई शहर से शुरू हुई थी और ये अफ़ग़ान चर्च और क्रावफोर्ड मार्किट के बीच मोटर बस की यात्रा 5 जुलाई 1926 के दिन 4 आने अर्थात् 25 पैसे देकर शुरू हुई थी पर बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात उर्फ़ बेस्ट की स्थापना 1873 मुंबई शहर में हो चुकी थी और 1865 में मुंबई शहर में अमेरिका की कम्पनी ने घोडा गाडी के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। 






भारत में एयर कंडीशन अर्थात् वातानुकूलित बसों ने 1998 में कदम रखा था और भारत के बेंगलुरु शहर में पहली बार एयर कंडीशन बस अड्डे एयरटेल कंपनी की तरफ से बनाया गया था इसके अलावा भारत में बेंगलुरु ही पहला शहर था जिसने जनवरी 2006 में पहली बार एक शहर से दुसरे शहर की एयर कंडीशन बस सेवा शुरू की थी इसके अलावा इलेक्ट्रिक बस को पहली बार भारत में चालाने का श्रेय भी बेंगलुरु शहर को ही मिला है।