ग्रेट फायर ऑफ़ लंदन से जुडी हैरान करने वाली जानकारियां

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अचनाक लगी आग सिर्फ घरों और कागजातों को ही नही बल्कि सपनों को भी राख कर देती है। वैसे तो रोजाना समूची दुनिया में कई कारणों से कही न लगती ही है लेकिन साल 1666 में जैसी आग लंदन में लगी वैसी आग आज तक विश्व में कही नही लगी। 2 सितंबर 1666 को लगी इस आग में लगभग लंदन का महानगर समूचा ही जल कर खाक हो गया था।



ग्रेट फायर ऑफ़ लंदन आग की शुरुआत थॉमस फर्रिनेर बेकरी के पुडिंग लेन के शोर्ट करने से रविवार 2 बजे से शुरू हुई थी। इस आग में 87 गिरजाघर और 13,200 घर के साथ सेंट पॉल कैथेड्रल भी राख में बदल गया था। जब यह आग लगी तो शहर का तापमान 1700 डिग्री तक पहुँच गया था तथा 10 महीने तक पूरा शहर काफी सुखा सुखा रहता था। इस आग में 80000 वाली आबादी वाले शहर में से 70,000 लोगो ने अपने घर को खो दिया था। आग घरों में अधिक इसलिए फैली क्योकि अधिकतर लोगो के घर लकड़ियों के थे।



2 सितंबर से 5 सितंबर तक चली इस आग ने जहाँ चारों तरफ मातम और तबाही मचाई वही इस आग से एक लाभ यह मिला की इस शहर से प्लेग जैसी जानलेवा बीमारी का अंत उस समय हो गया। आग लगने से 2 वर्ष पूर्व तक प्लेग की बिमारी 68000 लोगो की जान ले चुकी थी। 1666 तक ब्रिटेन के लिए लंदन एक बड़ा शहर था और आग की वजह से पैदा हुए एकोनिमिक और समाजिक मुसीबतों से निकलने में ब्रिटेन को काफी समय लगा।