एनएसजी कमांडो की हैरान करने वाली अजब गजब जानकारियां

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1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय गृह मंत्रालय के तहत भारत में एक स्पेशल फ़ोर्स की एक विशेष इकाई राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के रूप में स्थापित की गयी थी जिसका प्रयोग आंतरिक गड़बड़ी, राज्यों की रक्षा के साथ आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए किया गया था।

एनएसजी कमांडो भारत में सबसे अच्छे विशेष बलों में और दुनिया के टॉप 5 रैंक में शामिल है। नीचे एनएसजी कमांडो से जुड़े कुछ फैक्ट्स की जानकारी दे रहे है जिसको जानकार आपको काफी हैरानी होगी।



  • एनएसजी की रचना वास्तव में जर्मनी के जीएसजी9 ( बॉर्डर गार्ड ग्रुप 9 ) की मॉडल पर हुई है। जीएसजी9 दुनिया की सबसे सर्वोत्कृष्ट आतंकवाद विरोधी गुट में से एक है।

  • एनएसजी कमांडो को दो समूहों में बांटा जाता है एक एसएजी अर्थात स्पेशल एक्शन ग्रुप और एसआरजी जिसका अर्थ है स्पेशल रेंजर्स। एसआरजी में भारतीय सेना के आक्रामक विंग के 54%उत्कृष्ट सुरक्षा बल शामिल है। एसआरजी में सीआरपीएफ, बीएसएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की तरह केंद्रीय पुलिस संगठनों में नियुक्ति सदस्य हैं। एसआरजी टारगेट एरिया में सैफ की सहायता विशेष रूप से करता है।




  • एनएसजी बल की कुल ताकत 14,500 स्टाफ़ की है।




  • काले रंग ड्रिल कॉटन और उनकी वर्दी पर ब्लैक कैट के प्रतीक चिन्ह होने की वजह से उनको ब्लैक कैट भी कहा जाता है।




  • एनएसजी की प्रारंभिक ट्रैनिंग 90 दिनों के लिए होती है और जो लोग इस ट्रैनिंग को सफलतापूर्वक करते है उनको एनएसजी में शामिल कर नौ महीने की एडवांस ट्रैनिंग के से गुजरना पड़ता है।


  • एनएसजी की ट्रैनिंग में शारीरिक फिटनेस के 26 प्रशिक्षण, ऊंचाई लम्बी कूद से लेकर धैर्य और तनाव की परीक्षा लेकर उम्मीदवार के प्रदर्शन का आकलन किया जाता है। मार्शल आर्ट, टारगेट को शूट करना और अंत में फिलीपींस मार्शल आर्ट से एक एनएसजी कमांडो प्रशिक्षित किया जाता है।




  • 50-70% ट्रेनिंग अवधि के अगले कदम जाने से पहले कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण बाहर हो जाते है।




  • एनएसजी कमांडो को केवल एक या दो बार में सिर पर शॉट लेने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।




  • टीका लगाना भी उनकी लड़ाई कार्यक्रम का एक हिस्सा होता है जो अधिक मुश्किल होता है। इसमें लक्ष्य के ठीक बगल में एनएसजी का एक साथी खड़ा होता है और एक साथी उस पर गोली मारता है।




  • ड्रिल के समय वे कवच, या बुलेट प्रूफ जैकेट नही पहनते है और लक्ष्य को शूट करते समय उनका निशाना सटीक हो इसके लिए उनको मजबूर किया जाता है।




  • एनएसजी कमांडो चेतावनी स्थिति में सेना की समय तुलना से एक सप्ताह से अधिक गोलीबारी कर सकती है। औसतन, एक कमांडो (चेतावनी स्थिति) में दो महीने की अवधि 14,000 राउंड्स फायर कर सकते है।




  • एक व्यक्ति को एनएसजी में बने रहने के लिए लक्ष्य और आदेश पूर्ण की दर 85% से कम नहीं होनी चाहिए।




  • एनएसजी में विशिष्ट गुट से लोगों को प्रशिक्षण के लिए इसराइल भी भेजा जाता है।