भारतीय किसानों की अदभुत रोचक जानकारियां जो आपको “जय किसान” का फील देंगी

Views:66500


आज हम में से बहुत से लोग यह बिलकुल नही सोचते है कि उनके टेबल पर खाना लाने के लिए बहुत से पुरुषों और महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज हम अपने देश के उस विनम्र समुदाय की बात करें जिसे हम किसान के नाम से जानतें और वह पूरे देश के लिए अनाज उगाने का काम करता है।

निरंतर कड़ी मेहनत के साथ अपनी कला को निखारते हुए बेहद कठिन इस काम को वह बड़ी सहजता से करते रहते है। उनकी मेहनत से तैयार हुई फसल न केवल हमारे देश में लोगों को खिलाती है बल्कि दुनिया भर में कई अन्य देशों में उनकी उगाई फसल को निर्यात किया जाता है जिससे भारतीय राजस्व में लाखों डॉलर आता है।

आज हम आपको उन फैक्ट्स की जानकारी देने जा रहे है जो हमारे किसानों पर और भारतीय कृषि पर हमें गर्व करने अवसर देती है।



  • साल 2013 की रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया में नंबर 2 का कृषि उत्पादन वाला देश बन गया था। पूरी दुनिया में कृषि वस्तुओं में 7वें सबसे बड़ा निर्यातक देश है।




  • भारतीय कृषि मंत्रालय के 2013-14 आंकड़ों के मुताबिक गेहूं 95.9 लाखों टन का भारी उत्पादन हुआ था।




  • भारतीय किसान काफी तकनीक प्रेमी हैं, वह नियमित रूप से मौसम के बारे में जानकारी लेने के लिए इंटरनेट और स्मार्टफोन का उपयोग करते रहते है।




  • भारतीय किसानों को अपनी फसलों को उच्च श्रेणी का बनाने के लिए और उससे लाभ लेने के लिए कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती है। एक आम भारतीय किसान में मौसम विज्ञानिक,पशुचिकित्सक,व्यापारी,मार्किटर और वैज्ञानिक के गुण बड़ी आसानी से मिल जायेंगे।




  • साल 2013 में इंडिया ने ट्रेड कमर्शियल क्षेत्र में 276 बिलियन डॉलर में से 26 बिलियन डॉलर की ट्रेड की थी। 71 बिलियन डॉलर के एग्रीकल्चर ट्रेड में 23 बिलियन का व्यापार को सरप्लस कहा गया था। आज कृषि की शुद्ध विदेशी कमाई की बात करें तो वह लगभग आईटी सेक्टर के लगभग बराबर है।




  • भारत में जैविक खेती बड़े पैमाने पर सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी पारित किया गया है। यहाँ पारंपरिक खेती के तरीके जैविक रूप में आधारित है।




  • भारतीय शहरों का किसान औसतन 5 एकड़ जमीन के आसपास कृषि के लिए प्रयोग करता है।




  • कपास (कॉटन) उत्पादन में भारत दुनिया दूसरा बड़ा देश है और सूती वस्त्रों दुनिया के सबसे बड़े निर्यातक देशों में एक है। भारत अमरीका इटली, जर्मनी और कई अन्य देशों को कॉटन निर्यात करता है।


हमारे किसान अनगिनत घंटे सिर्फ इसलिए काम करते है की दुनिया भर में कही कोई भूखा ना रहे जायें इसके बावजूद जय जवान जय किसान नारें वाले इस देश में बहुत से मौके ऐसे भी आते है जब भारत का किसान और उसके बच्चे भूखे रह जाते है या फिर बदहाली से तंग आकर खुदखुशी कर लेते है।